हिंदी व्याकरण में संज्ञा (Noun) संज्ञा के 10 उदाहरण सबसे महत्वपूर्ण शब्दभेदों में से एक है। किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, जीव-जंतु, भाव, गुण या किसी भी नाम को व्यक्त करने वाला शब्द संज्ञा कहलाता है। संज्ञा के बिना न तो वाक्य पूर्ण होता है, न ही भाषा का सही अर्थ समझ में आता है। इसलिए संज्ञा भाषा और व्याकरण की सबसे बुनियादी और आवश्यक इकाई मानी जाती है।

संज्ञा क्या होती है? | संज्ञा के 10 उदाहरण
“किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, जानवर या किसी नाम को व्यक्त करने वाले शब्द को संज्ञा कहते हैं।”
जैसे राम, किताब, स्कूल, कुत्ता, प्रेम आदि।
ये शब्द किसी वस्तु या व्यक्ति का नाम बताते हैं, इसलिए इन्हें ‘नाम-शब्द’ भी कहा जाता है।
भाषा में संज्ञा का महत्व
संज्ञा का प्रयोग हर प्रकार के वाक्य में होता है। यह भाषा को पहचान (identity) देती है, वस्तुओं या व्यक्तियों को नाम देती है और संचार (communication) को स्पष्ट बनाती है।
संज्ञा के महत्व:
- वाक्य की नींव (foundation) बनाती है
- यह बताती है कि बात किसके बारे में हो रही है
- भाषा को अर्थपूर्ण और समझने योग्य बनाती है
- लेखन, बोलने और पढ़ने में स्पष्टता लाती है
संज्ञा क्या है? | Definition with Easy Examples
संज्ञा हिंदी भाषा का वह शब्द है जो किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, जानवर, भावना या गुण का नाम बताता है। संज्ञा को सरल शब्दों में नाम-शब्द कहा जाता है, क्योंकि यह किसी भी चीज़ की पहचान (identity) बताता है।
संज्ञा की परिभाषा | Sangya ki Paribhasha
“किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, जीव-जंतु, भावना या गुण के नाम को संज्ञा कहते हैं।”
यह नाम हमें बताता है कि वाक्य में बात किसके बारे में हो रही है।
संज्ञा को पहचानने का आसान तरीका
यदि कोई शब्द किसी नाम को दर्शाता है व्यक्ति का नाम, वस्तु का नाम, स्थान का नाम, गुण का नाम, भावना का नाम तो वह संज्ञा है।
संज्ञा के उदाहरण
1. व्यक्ति के नाम
राम, राधा, मोहन, शिक्षक, बच्चा
2. वस्तुओं के नाम
किताब, कुर्सी, मोबाइल, कप, पेड़
3. स्थानों के नाम
दिल्ली, मुंबई, स्कूल, गाँव, बाज़ार
4. जानवरों के नाम
कुत्ता, गाय, बिल्ली, हाथी, शेर
5. भाव/गुण के नाम
प्यार, खुशी, दया, बुद्धि, साहस
संज्ञा के वाक्य में प्रयोग
- राम स्कूल गया।
→ राम = संज्ञा (व्यक्ति का नाम) - किताब मेज़ पर रखी है।
→ किताब = संज्ञा (वस्तु का नाम) - दिल्ली भारत की राजधानी है।
→ दिल्ली = संज्ञा (स्थान का नाम) - कुत्ता भौंक रहा है।
→ कुत्ता = संज्ञा (जानवर का नाम) - प्यार एक सुंदर भावना है।
→ प्यार = संज्ञा (भाव का नाम)
संज्ञा के प्रकार | Types of Nouns in Hindi | संज्ञा के भेद
हिंदी में संज्ञा को पाँच प्रमुख प्रकारों में बाँटा गया है। हर प्रकार किसी अलग तरह के नाम या पहचान को व्यक्त करता है। नीचे सभी प्रकारों को सरल भाषा और उदाहरणों के साथ समझाया गया है।

1. व्यक्तिवाचक संज्ञा | Proper Noun | Sangya ke bhed
वे संज्ञाएँ जो किसी विशेष व्यक्ति, स्थान, वस्तु या संस्था का नाम बताती हैं।
इनका नाम केवल एक ही होता है और यह हमेशा विशेष पहचान दर्शाती हैं।
उदाहरण:
- राम
- दिल्ली
- भारत
- गंगा
- ताजमहल
वाक्य में उदाहरण:
दिल्ली भारत की राजधानी है।
2. जातिवाचक संज्ञा | Common Noun | Sangya ke bhed
वे संज्ञाएँ जो एक ही प्रकार के सभी व्यक्तियों, वस्तुओं या स्थानों का नाम बताती हैं।
ये किसी विशेष का नाम नहीं बतातीं, बल्कि “सामान्य वर्ग” को दर्शाती हैं।
उदाहरण:
- लड़का
- शहर
- नदी
- किताब
- शिक्षक
वाक्य:
लड़का खेल रहा है।
3. भाववाचक संज्ञा | Abstract Noun | Sangya ke bhed
वे संज्ञाएँ जो भावना, गुण, अवस्था या क्रिया को व्यक्त करती हैं।
इनका कोई भौतिक रूप नहीं होता इन्हें देखा या छुआ नहीं जा सकता।
उदाहरण:
- प्यार
- दया
- खुशी
- ईमानदारी
- बुद्धि
वाक्य:
खुशी एक सुंदर भावना है।
4. समूहवाचक संज्ञा | Collective Noun | Sangya ke bhed
वे संज्ञाएँ जो कई व्यक्तियों, वस्तुओं या जानवरों के समूह को एक नाम से दर्शाती हैं।
उदाहरण:
- सेना (Soldiers का समूह)
- झुंड (जानवरों का समूह)
- वर्ग (कक्षा के छात्र)
- मंडली
- भीड़
वाक्य:
एक सेना देश की रक्षा करती है।
5. द्रव्यवाचक संज्ञा | Material Noun | Sangya ke bhed
वे संज्ञाएँ जो द्रव्यों, पदार्थों या सामग्री का नाम बताती हैं, जिनसे चीज़ें बनती हैं।
उदाहरण:
- पानी
- सोना
- चावल
- दूध
- लकड़ी
वाक्य:
सोना कीमती धातु है।
संज्ञा के प्रकार | Sangya ke Prakar | Sangya ke Prakar
| संज्ञा का प्रकार | अर्थ | उदाहरण |
| व्यक्तिवाचक | विशेष नाम | मोहन, दिल्ली |
| जातिवाचक | सामान्य नाम | लड़की, शहर |
| भाववाचक | भाव/गुण | प्यार, दया |
| समूहवाचक | समूह का नाम | सेना, झुंड |
| द्रव्यवाचक | द्रव्य/पदार्थ | पानी, सोना |
संज्ञा के 10 उदाहरण | Sangya ke 10 Udhaharan
संज्ञा को समझने का सबसे आसान तरीका है उदाहरण देखना और पहचानना। नीचे कई दैनिक जीवन के सरल उदाहरण दिए गए हैं, जिनमें संज्ञा को स्पष्ट रूप से पहचाना जा सकता है।
संज्ञा के 10 उदाहरण | Basic Examples of Sangya ke Udhaharan
- राम किताब पढ़ रहा है।
- किताब मेज़ पर रखी है।
- दिल्ली एक बड़ा शहर है।
- गाय दूध देती है।
- स्कूल सुबह खुलता है।
- पानी जीवन के लिए आवश्यक है।
- बच्चा खेल रहा है।
- प्यार एक सुंदर भावना है।
- पेड़ हवा साफ करते हैं।
- कुत्ता वफादार जानवर है।
इन वाक्यों में गाढ़े अक्षरों (bold words) वाले शब्द संज्ञा हैं।
श्रेणी अनुसार संज्ञा के उदाहरण
1. व्यक्ति के नाम
- मोहन
- सीता
- डॉक्टर
- शिक्षक
2. वस्तुओं के नाम
- खिलौना
- घड़ी
- मोबाइल
- कपड़ा
3. स्थानों के नाम
- आगरा
- बाज़ार
- मंदिर
- सड़क
4. जीव-जंतुओं के नाम
- बिल्ली
- हाथी
- चिड़िया
- मछली
5. भाव/गुण के नाम
- ईमानदारी
- दुख
- साहस
- उम्मीद
वाक्यों में पहचान के उदाहरण
वाक्य 1: रीमा पार्क गई।
→ रीमा, पार्क = संज्ञा
वाक्य 2: सूरज तेज चमक रहा है।
→ सूरज = संज्ञा
वाक्य 3: किसान खेत में काम करता है।
→ किसान, खेत = संज्ञा
वाक्य 4: नदी बहुत सुंदर है।
→ नदी = संज्ञा
वाक्य 5: चॉकलेट मीठी लगती है।
→ चॉकलेट = संज्ञा
संज्ञा के लिंग (Gender of Nouns in Hindi | Sangya in hindi
हिंदी में संज्ञा को लिंग के अनुसार दो मुख्य श्रेणियों में बाँटा जाता है—पुल्लिंग और स्त्रीलिंग। लिंग यह बताता है कि संज्ञा पुरुष वर्ग से संबंधित है या स्त्री वर्ग से।
1. पुल्लिंग संज्ञा | Masculine Noun | Sangya in hindi
वे संज्ञाएँ जो पुरुष वर्ग को दर्शाती हैं, पुल्लिंग कहलाती हैं।
उदाहरण:
- लड़का
- राजा
- शिक्षक
- मोहन
- नाई
वाक्य:
लड़का खेल रहा है।
2. स्त्रीलिंग संज्ञा | Feminine Noun | Sangya in hindi
वे संज्ञाएँ जो स्त्री वर्ग को दर्शाती हैं, स्त्रीलिंग कहलाती हैं।
उदाहरण:
- लड़की
- रानी
- शिक्षिका
- सीता
- नाईन (नाइका)
वाक्य:
लड़की नृत्य कर रही है।
पुल्लिंग से स्त्रीलिंग बनाने के सामान्य नियम
नियम 1: “आ” को “ई” में बदलना
- लड़का → लड़की
- भिक्षु → भिक्षुणी
- सेवक → सेविका
नियम 2: “ा” हटाकर “िया” लगना
- राजा → रानिया (रानी)
- व्यापारी → व्यापारीन (व्यापारिन / सेठानी)
नियम 3: “ा” हटाकर “िन” लगना
- नाई → नाईन
- कसाई → कसाईन
नियम 4: पुल्लिंग और स्त्रीलिंग के अलग रूप
कई संज्ञाओं के पुल्लिंग और स्त्रीलिंग रूप बिल्कुल अलग होते हैं:
| पुल्लिंग | स्त्रीलिंग |
| पुरुष | स्त्री |
| बेटा | बेटी |
| भाई | बहन |
| पिता | माता |
| देव | देवी |
कुछ शब्द समान रूप से प्रयोग होते हैं | Common Gender Words
कुछ संज्ञाओं का रूप नहीं बदलता, सिर्फ संदर्भ बदलता है:
- विद्यार्थी (लड़का/लड़की दोनों के लिए)
- पुलिस (किसी भी लिंग के लिए)
- डॉक्टर (किसी भी लिंग के लिए)
संज्ञा के वचन Singular & Plural of Nouns | Sangya in hindi
वचन (Vachan) संज्ञा का वह रूप है जो बताता है कि किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान की संख्या एक है या एक से अधिक।
हिंदी में वचन दो प्रकार के होते हैं:
- एकवचन (Singular)
- बहुवचन (Plural)
1. एकवचन | Singular Noun | Sangya in hindi
वे संज्ञाएँ जो एक व्यक्ति, वस्तु, स्थान या जानवर को दर्शाती हैं, एकवचन कहलाती हैं।
उदाहरण:
- लड़का
- फूल
- किताब
- पेड़
- गाय
वाक्य:
लड़का स्कूल गया।
2. बहुवचन | Plural Noun | Sangya in hindi
वे संज्ञाएँ जो एक से अधिक व्यक्तियों, वस्तुओं, स्थानों या जानवरों को दर्शाती हैं, बहुवचन कहलाती हैं।
उदाहरण:
- लड़के
- फूलों
- किताबें
- पेड़ो
- गायें
वाक्य:
लड़के खेल रहे हैं।
एकवचन से बहुवचन बनाने के नियम | Sangya ke bhed
नियम 1: ‘ा’ की जगह ‘े’ लगाना
- लड़का → लड़के
- बच्चा → बच्चे
- घोड़ा → घोड़े
नियम 2: ‘ी’ की जगह ‘ियां’ लगाना
- लड़की → लड़कियाँ
- कुर्सी → कुर्सियाँ
- चिड़िया → चिड़ियाँ
नियम 3: ‘ु’ और ‘ू’ वाले शब्दों में ‘एँ’ लगना
- बहू → बहुएँ
- दादी → दादियाँ
नियम 4: कुछ शब्दों में ‘याँ / यें’ लगाना
- चीज़ → चीज़ें
- किताब → किताबें
- भाषा → भाषाएँ
नियम 5: विशेष शब्द | Irregular Plurals
कुछ शब्द बहुवचन में नियम नहीं मानते:
| एकवचन | बहुवचन |
| आदमी | आदमी / आदमी लोग |
| पानी | पानी (अपरिवर्तनीय) |
| दूध | दूध (अपरिवर्तनीय) |
| मकान | मकान |
उदाहरणों के साथ अभ्यास
एकवचन को बहुवचन में बदलें:
- पेड़ → पेड़ (अपरिवर्तनीय)
- बच्चा → बच्चे
- सड़क → सड़कें
- अँगूर → अँगूर
- चम्मच → चम्मच
संज्ञा के कारक | Cases of Nouns in Hindi | Sangya in Hindi
हिंदी में कारक (Case) वह व्याकरणिक रूप है जो बताता है कि संज्ञा वाक्य में किस भूमिका में प्रयोग हो रही है कर्ता, कर्म, संप्रदान, अधिकार, अपादान आदि।
कारक शब्दों के बीच संबंध स्थापित करते हैं।
संज्ञा के साथ कारक चिन्ह (postpositions) लगकर उसका रूप निर्धारित होता है।
हिंदी में 8 मुख्य कारक | Sangya in Hindi
नीचे प्रत्येक कारक को सरल भाषा, उदाहरण और तालिका के साथ समझाया गया है:
1. कर्ता कारक | Nominative Case | Sangya in Hindi
जब संज्ञा वाक्य में कार्य करने वाले कर्ता की भूमिका निभाती है।
उदाहरण:
- राम स्कूल गया।
- लड़की नाच रही है।
2. कर्म कारक | Objective/Accusative Case | Sangya in Hindi
जब संज्ञा वाक्य में कार्य का लक्ष्य होती है।
उदाहरण:
- राम ने किताब पढ़ी।
- बच्चे ने फल खाए।
3. करण कारक | Instrumental Case | Sangya in Hindi
जब संज्ञा किसके द्वारा / किस साधन से कार्य हो रहा है, यह दर्शाती है।
कारक चिन्ह: से
उदाहरण:
- वह पेन से लिखता है।
- किसान हल से खेत जोतता है।
4. संप्रदान कारक | Dative Case | Sangya in Hindi
जब संज्ञा किसको / किसके लिए का उत्तर देती है।
कारक चिन्ह: को, लिए, हेतु
उदाहरण:
- मैंने पुस्तक रीमा को दी।
- यह पुरस्कार तुम्हारे लिए है।
5. अपादान कारक | Ablative Case | Sangya in Hindi
जब संज्ञा किससे / कहाँ से अलग होना दर्शाती है।
कारक चिन्ह: से
उदाहरण:
- वह घर से बाहर आया।
- दूध से मलाई अलग होती है।
6. अधिकरण कारक | Locative Case | Sangya in Hindi
जब संज्ञा कहाँ / किस स्थान पर को बताती है।
कारक चिन्ह: में, पर, के ऊपर
उदाहरण:
- लड़का स्कूल में पढ़ता है।
- गेंद मेज़ पर है।
7. संबंध कारक | Possessive Case
जब संज्ञा किसका / किसकी / किसके का संबंध दिखाती है।
कारक चिन्ह: का, की, के
उदाहरण:
- यह रीमा की किताब है।
- राम का घर बड़ा है।
8. संबोधन कारक | Vocative Case
जब संज्ञा को सीधे पुकारा जाता है।
उदाहरण:
- अरे मोहन!
- ओ बच्चों! ध्यान दो।
कारक तालिका | संज्ञा के 10 उदाहरण
| कारक | प्रश्न | कारक चिन्ह | उदाहरण |
| कर्ता | कौन? | — | राम आया। |
| कर्म | किसे/क्या? | — | पुस्तक पढ़ी। |
| करण | किससे? | से | पेन से लिखा। |
| संप्रदान | किसको? | को | रीमा को दिया। |
| अपादान | कहाँ से? | से | घर से निकला। |
| अधिकरण | कहाँ? | में/पर | स्कूल में। |
| संबंध | किसका? | का/की/के | राम का घर। |
| संबोधन | ओ! | — | ओ बच्चों! |
वाक्यों में संज्ञा का सही प्रयोग (Usage of Nouns in Sentences)
संज्ञा किसी भी वाक्य का मुख्य आधार होती है। वाक्य में संज्ञा का सही प्रयोग करने से अर्थ स्पष्ट होता है, वाक्य संरचना सही रहती है और भाषा अधिक प्रभावी बनती है।
यहाँ हम देखते हैं कि वाक्यों में संज्ञा किस प्रकार उपयोग होती है।
1. संज्ञा वाक्य का कर्ता बनती है |Subject of the Sentence
जब संज्ञा कार्य करने वाले व्यक्ति या वस्तु का नाम बताती है।
उदाहरण:
राम खेल रहा है।
गाय दूध देती है।
2. संज्ञा वाक्य का कर्म बनती है | Object of the Sentence
जब संज्ञा कार्य का लक्ष्य होती है।
उदाहरण:
रीमा ने किताब पढ़ी।
बच्चे ने फल खाया।
3. संज्ञा स्थान बताती है | Place Identification
उदाहरण:
हम स्कूल जा रहे हैं।
दिल्ली एक बड़ा शहर है।
4. संज्ञा वस्तुओं के नाम बताती है | Things in Daily Life
उदाहरण:
मोबाइल चार्ज हो रहा है।
कुर्सी टूट गई है।
5. संज्ञा भाव या गुण को व्यक्त करती है
उदाहरण:
प्यार सबसे सुंदर भावना है।
ईमानदारी एक महान गुण है।
6. संज्ञा समुह को दर्शाती है | Collective Nouns
उदाहरण:
एक सेना देश की रक्षा करती है।
चिड़ियों का झुंड उड़ रहा है।
7. संज्ञा पहचान बताती है | Identity in Communication
उदाहरण:
यह मेरा दोस्त राहुल है।
यह ताजमहल आगरा में है।
8. विशेषण और क्रिया संज्ञा पर निर्भर करते हैं
संज्ञा के बिना विशेषण और क्रिया का अर्थ अधूरा रहता है।
उदाहरण:
सुंदर लड़की नाची।
(यहाँ “सुंदर” शब्द “लड़की” संज्ञा को विशेषता देता है)
संज्ञा और सर्वनाम में अंतर | Difference Between Noun & Pronoun
हिंदी व्याकरण में संज्ञा (Noun) और सर्वनाम (Pronoun) दोनों ही वाक्य निर्माण के महत्वपूर्ण शब्दभेद हैं, लेकिन दोनों की भूमिका अलग होती है।
संज्ञा नाम बताती है, जबकि सर्वनाम उस नाम की जगह लेता है।
नीचे संज्ञा और सर्वनाम का सरल अंतर प्रस्तुत है:
1. संज्ञा क्या है? (What is a Noun?) | संज्ञा किसे कहते हैं
जो शब्द किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, जानवर, गुण या भावना का नाम बताए, उसे संज्ञा कहते हैं।
उदाहरण:
राम, किताब, दिल्ली, पानी, खुशी
वाक्य:
राम स्कूल गया।
2. सर्वनाम क्या है? | What is a Pronoun?
जो शब्द संज्ञा के स्थान पर काम करता है, उसे सर्वनाम कहते हैं।
सर्वनाम वाक्य को दोहराव (repetition) से बचाता है।
उदाहरण:
वह, ये, तुम, हम, कोई, कुछ
वाक्य:
राम स्कूल गया।
→ वह स्कूल गया।
(“वह” ने “राम” का स्थान लिया)
संज्ञा और सर्वनाम में मुख्य अंतर | संज्ञा के 10 उदाहरण
| आधार | संज्ञा (Noun) | सर्वनाम (Pronoun) |
| अर्थ | किसी नाम को बताती है | संज्ञा का स्थान लेती है |
| प्रयोग | वाक्य में पहली बार नाम के लिए | नाम को दोहराने से बचने के लिए |
| उदाहरण | राम, किताब, शहर | वह, यह, मैं |
| भूमिका | पहचान कराती है | उस पहचान का संदर्भ देती है |
| प्रकार | व्यक्तिवाचक, जातिवाचक आदि | पुरुषवाचक, संकेतवाचक आदि |
वाक्य में समझने का आसान तरीका
संज्ञा → नाम
वाक्य में कौन / क्या / कहाँ का उत्तर देती है।
सर्वनाम → संज्ञा की जगह लेने वाला शब्द
वाक्य में वह / यह / तुम / मैं आदि आते हैं।
उदाहरणों के साथ स्पष्ट अंतर
वाक्य 1:
सीमा पढ़ाई कर रही है।
→ “सीमा” = संज्ञा
वाक्य 2:
वह पढ़ाई कर रही है।
→ “वह” = सर्वनाम (सीमा की जगह)
वाक्य 1:
बच्चे पार्क में खेलते हैं।
→ “बच्चे” = संज्ञा
वाक्य 2:
वे पार्क में खेलते हैं।
→ “वे” = सर्वनाम
सर्वनाम संज्ञा के बिना अधूरा क्यों है?
क्योंकि सर्वनाम हमेशा किसी संज्ञा की ओर संकेत करता है।
उदाहरण:
वह = कौन?
→ उत्तर संज्ञा से मिलता है (राम, सीमा, बच्चा आदि)
संज्ञा सीखते समय होने वाली सामान्य गलतियाँ | संज्ञा के 10 उदाहरण
संज्ञा (Noun) आसान लगती है, लेकिन शुरुआती विद्यार्थियों और बच्चों से अक्सर कुछ सामान्य गलतियाँ हो जाती हैं। इन गलतियों को पहचानकर ठीक करने से व्याकरण की समझ मजबूत होती है और वाक्य रचना भी बेहतर बनती है।
1. संज्ञा और सर्वनाम को एक जैसा समझ लेना
बहुत से विद्यार्थी “वह, यह, तुम” जैसे शब्दों को संज्ञा समझ लेते हैं, जबकि ये सर्वनाम होते हैं।
गलत:
वह → संज्ञा
सही:
वह → सर्वनाम (संज्ञा की जगह आता है)
2. संज्ञा को विशेषण समझ लेना
कई बार विद्यार्थी सुंदर, बड़ा, छोटा जैसे शब्दों को संज्ञा मान लेते हैं।
लेकिन ये विशेषण (Adjectives) हैं, संज्ञा नहीं।
उदाहरण:
सुंदर लड़की
→ “लड़की” = संज्ञा
→ “सुंदर” = विशेषण
3. संज्ञा का लिंग गलत पहचानना
कुछ शब्द नियम से नहीं चलते, इसलिए लिंग पहचानना मुश्किल हो जाता है।
गलत: पानी → पुल्लिंग
सही: पानी → पुल्लिंग (सही)
लेकिन,
गलत: रास्ता → स्त्रीलिंग
सही: रास्ता → पुल्लिंग
इसलिए लिंग को पढ़ते समय ध्यान रखना जरूरी है।
4. संज्ञा के वचन को गलत बदलना
विद्यार्थी अक्सर बहुवचन रूप गलत लिख देते हैं।
गलत: लड़की → लड़कियां
सही: लड़की → लड़कियाँ
गलत: किताब → किताबो
सही: किताब → किताबें
5. व्यक्तिवाचक संज्ञा को जातिवाचक समझ लेना
गलत वर्गीकरण:
राम → जातिवाचक
सही:
राम → व्यक्तिवाचक
जातिवाचक संज्ञा → लड़का, शहर
व्यक्तिवाचक संज्ञा → मोहन, दिल्ली
6. भाववाचक संज्ञा को पहचानने में कठिनाई
क्योंकि ये दिखाई नहीं देतीं, इसलिए विद्यार्थी इन्हें अक्सर विशेषण समझ लेते हैं।
उदाहरण:
प्यार, खुशी, दया, भय
→ ये सभी संज्ञा हैं, विशेषण नहीं।
7. समूहवाचक संज्ञा की गलत पहचान
विद्यार्थी “सेना”, “भीड़”, “झुंड” जैसे शब्दों को बहुवचन समझ लेते हैं, जबकि ये एक समूह का नाम हैं (Collective Noun), बहुवचन नहीं।
उदाहरण:
सेना = सैनिकों का समूह (एक शब्द में कई व्यक्तियों का समूह)
8. वाक्य में संज्ञा की भूमिका समझने में गलती
जैसे:
गलत:
रीमा ने फल खाया। → फल = कर्ता
सही:
रीमा = कर्ता
फल = कर्म
इन भूमिकाओं का अंतर समझना जरूरी है।
संज्ञा से जुड़े अभ्यास प्रश्न | संज्ञा के 10 उदाहरण
संज्ञा को अच्छी तरह समझने के लिए अभ्यास करना बहुत ज़रूरी है। नीचे दिए गए प्रश्न छात्रों, प्रतियोगी परीक्षाओं और स्कूल असाइनमेंट्स के लिए विशेष रूप से उपयोगी हैं।
अभ्यास 1: नीचे दिए गए वाक्यों में संज्ञा पहचानें।
- रीना किताब पढ़ रही है।
- कुत्ता जोर से भौंक रहा है।
- भारत एक महान देश है।
- मोहन स्कूल गया।
- नदी बहुत सुंदर है।
अभ्यास 2: निम्न शब्दों को संज्ञा के प्रकार के अनुसार वर्गीकृत करें।
शब्द:
राम, शहर, प्यार, झुंड, पानी, लड़की, भारत, सैनिक, ईमानदारी, मंदिर
कॉलम:
- व्यक्तिवाचक संज्ञा
- जातिवाचक संज्ञा
- समूहवाचक संज्ञा
- भाववाचक संज्ञा
- द्रव्यवाचक संज्ञा
अभ्यास 3: एकवचन को बहुवचन में बदलें।
- लड़की → ________
- किताब → ________
- लड़का → ________
- पेड़ → ________
- चिड़िया → ________
अभ्यास 4: पुल्लिंग से स्त्रीलिंग बनाएं।
- राजा → ________
- लड़का → ________
- नाई → ________
- देव → ________
- माली → ________
अभ्यास 5: रिक्त स्थान में सही संज्ञा भरें।
- ________ भारत की राजधानी है।
- मेरा ________ बहुत प्यारा है।
- गाय का ________ मीठा होता है।
- ________ जंगल का राजा है।
- मुझे ________ पढ़ना पसंद है।
(विकल्प: दूध, दिल्ली, किताब, शेर, दोस्त)
अभ्यास 6: संज्ञा और सर्वनाम में अंतर लिखें। (Short Answer)
- संज्ञा: ________
- सर्वनाम: ________
अभ्यास 7: नीचे दिए शब्दों से वाक्य बनाएं।
- पानी
- बच्चा
- स्कूल
- खुशी
- सेना
अभ्यास 8: चित्र देखकर संज्ञा पहचानें।
(यदि आप चाहें, मैं आपके ब्लॉग के लिए उपयुक्त चित्र भी सुझाव कर सकता हूँ।)
और पढ़ें:-
निष्कर्ष(Conclusion)
संज्ञा हिंदी व्याकरण का सबसे महत्वपूर्ण शब्दभेद है, क्योंकि यह किसी भी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, भावना या गुण का नाम बताती है। नीचे संज्ञा के पूरे अध्याय का एक सरल और त्वरित सारांश दिया गया है, जिसे विद्यार्थी परीक्षा से पहले आसानी से दोहरा सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
संज्ञा किसे कहते हैं?
संज्ञा वह शब्द है जो किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, जानवर, भावना या गुण का नाम बताता है।
उदाहरण: राम, किताब, दिल्ली, खुशी।
संज्ञा कितने प्रकार की होती है?
संज्ञा के मुख्यतः 5 प्रकार होते हैं—
व्यक्तिवाचक
जातिवाचक
भाववाचक
समूहवाचक
द्रव्यवाचक
व्यक्तिवाचक संज्ञा क्या है?
जो संज्ञा किसी विशिष्ट व्यक्ति, स्थान, वस्तु का नाम बताए, वह व्यक्तिवाचक संज्ञा कहलाती है।
उदाहरण: मोहन, मुंबई, ताजमहल।
जातिवाचक संज्ञा क्या है?
जो संज्ञा सामान्य वर्ग या समूह का नाम बताए, वह जातिवाचक संज्ञा है।
उदाहरण: लड़का, शहर, नदी।
संज्ञा और सर्वनाम में क्या अंतर है?
संज्ञा → नाम बताती है (राम, किताब)
सर्वनाम → संज्ञा के स्थान पर आता है (वह, यह)
संज्ञा का लिंग कैसे पहचाने?
पुरुष संबंधित → पुल्लिंग (लड़का, राजा)
स्त्री संबंधित → स्त्रीलिंग (लड़की, रानी)
कई शब्द नियम से नहीं चलते, इसलिए उन्हें याद करना पड़ता है।
संज्ञा सीखने का सबसे आसान तरीका क्या है?
दैनिक वस्तुओं के नाम पहचानें
वाक्यों में संज्ञा खोजें
संज्ञा के प्रकार याद करें
अभ्यास प्रश्न हल करें